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हिंदी का विकास

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यदि अन्तराष्ट्रीय आधार पर देखें तो जितना हिंदी का विकास हमारे देश में नहीं हुआ उससे कहीं अधिक विदेशों में हुआ है ! विकास के तरीके अलग अलग है ! विश्व में हिंदी क्षेत्र एक विशाल उपभोक्ता क्षेत्र है ! भू मंडलीय करण के साथ साथ भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों का आगमन हुआ इसी के साथ हिंदी को नए आयाम मिले ! वेसे भी हिंदी दुनिया की सबसे सरल भाषा है क्योंकि जेसी वह बोली जाती है वेसी ही लिखी जाती है ! दुनिया की दूसरी भाषाओँ में यह बात नहीं है ! ज्यों ज्यों हिंदी भाषा का विकास होता जा रहा है यह विश्व की भाषा बनती जा रही है ! विदेशों में हिंदी के प्रति लोगों की रूचि बड़ रही है ! कंप्यूटर के माध्यम से हिंदी का विकास हो रहा है ! प्रोध्योकी में विशेषज्ञ काम कर रहे है ! हिंदी में आज वो सभी सॉफ्टवेर उपलब्ध है जो पहले अंग्रेजी में ही होते थे ! आज कल इन्टरनेट के माध्यम से हिंदी के समाचार पत्रों का अवलोकन किया जा रहा है ! हिंदी में अनेक ब्लोग्स लिखे जा रहे है विभिन् वेबसाइट्स हिंदी में ही उपलब्ध है ! आज हिंदी संसार में सबसे अधिक बोली जाती है ! इसलिए हिंदी को विश्व भाषा कहना गलत ना होगा पिच्छले सालों में हिंदी ने महत्वपूरण पहचान बनाई है ! हिंदी की यात्रा फिजी से ले कर केरेबियाई देशों तक फेली है ! हिंदी को केवल साहित्य काव्य या कहानी में बंधना गलत होगा ! हिंदी का विकास जन चेतना के आधार पर हुआ है और आगे भी होता रहेगा ! उम्मीद है की हमारी मातृ भाषा मात्र भाषा नहीं होगी !

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