Advertise

साहित्‍य सुगंध हिन्दी साहित्य की सेवा का मंच, है, आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर,रचनायें -मेल पते पर प्रेषित करें।
 

कहानियां हमारे आस पास ही तो है

3 comments


कहानियां हमारे आस पास ही तो होती है ! स्वार्थ में आदमी अक्सर अँधा हो जाता है ! अपने स्वार्थ के वो कुछ भी कर बेठता है ! यूँ तो टी वी पर चलने वाले धारावाहिक सास बहु के किस्सों पर ही होते है इन धारावाहिकों में मेरी कोई रूचि भी नहीं है ! तभी तो रिमोट पर मेरी उंगलियाँ समाचार चैनल की तरफ ही जाती है !आजकल जी टीवी पर चल रहे एक धारावाहिक ने मुझे अनायास ही आकर्षित किया है ! "अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो " इस धारावाहिक को देख कर मुझे एकाएक रांगेय राघव और फणीश्वर नाथ रेणू की रचनाओं की याद आ गई ! धारावाहिक मुझे जीवन और संवेदनाओं के बहुत ही पास लगा ! परिवार चलाने के लडके की ज़रूरत होती है और इसके लिए हम क्या क्या कर डालते है वास्तव में सोचनीय विषय है ! इस पुरुष प्रधान समाज में लड़कियाँ यह सब कब तक सेहती रहेगी? इस असत्य को हम स्वीकार करने में क्यों पींठ फेर लेते है ! धारावाहिक देख कर सोचता रहा की इसका शीर्षक होना चाहिए था "अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो " ! इतिहास गवाह है की प्राचीन भारत में अनेको महिलाओं ने अपनी विद्वता के बल पर पुरुषों को टक्कर दी है ! तो आज इस आधुनिक युग में हमारी सोच इतनी संकुचित क्यों हो गई ! अक्सर माँ मां कहती रहती है बेटा तेरे बुढापे में यही बेटियाँ ही सहारा बनेगी ! एक सच हमारे सामने ही तो है फिर स्वीकारने में इतनी आनाकानी क्यों?

3 Responses so far.

  1. सच्‍चाई को स्‍वीकारने में
    जो अहम् आड़े आता है
    यह वही है
    वही सही है

  2. namaskar

    aapne acha lekh likha hai ...bhaavo ki sahi abhivyakti hai ..meri badhai sweekar kare...

    dhanywad..

    pls visit my blog " poemsofvijay.blogspot.com " aur meri kavitao par kuch kahiyenga , specially "tera chale jaana " aur " aao Sajan " par .. mujhe khushi hongi ..

    dhanyawad..

  3. aapke blog ne ek chir sthaayi samasya ko ujaagar kiya hai..jis par sab baat karte hain aur hal kisi ke paas nahi hai...

Leave a Reply

 
[ साहित्‍य सुगंध पर प्रकाशित रचनाओं की मौलिकता के लिए सम्‍बधित प्रेषक ही उतरदायी होगा। साहित्‍य सुगंध पर प्रक‍ाशित रचनाओं को लेखक और स्रोत का उललेख करते हुए अन्‍यत्र प्रयोग किया जा सकता है । किसी रचना पर आपत्ति हो तो सूचित करें]
stats counter
THANKS FOR YOUR VISIT
साहित्‍य सुगंध © 2011 DheTemplate.com & Main Blogger. Supported by Makeityourring Diamond Engagement Rings

[ENRICHED BY : ADHARSHILA ] [ I ♥ BLOGGER ]