Advertise

साहित्‍य सुगंध हिन्दी साहित्य की सेवा का मंच, है, आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर,रचनायें -मेल पते पर प्रेषित करें।
 
3 comments
यह कैसी पत्रकारिता..........
और दिमाग़ में कैसे-कैसे घोंसले ?



अपने इस ब्लॉग पर 17 जुलाई की मेरी पोस्ट दिमाग में घोंसले से सारे तथ्य लेकर शहर के एक पत्रकार महोदय ने अपने नाम से रिपोर्ट बनाकर(सिर्फ़ इन्ट्रो लगाकर और शीर्षक बदल कर) srijangatha .com में भेज दी। जनाब प्रोग्राम ख़त्म होने से दो मिनट पहले पहुंचे थे।
एक तो मैंने साढ़े पाँच बजे से आठ बजे तक प्रोग्राम में शिरकत की, फिर साढ़े नौ बजे घर पहुंच कर दो घंटे फिर से खर्च कर रिपोर्ट तैयार की और 11 बजकर 59 मिनट पर ब्लॉग पर डाली। और इन साहब ने बगैर परिचर्चा सुने, बगैर कोई मेहनत किए सारी रिपोर्ट हु-ब-हु वहाँ से रेडीमेड उठा ली। वाह... कैसी पत्रकारिता। हमने तो नहीं सीखी यह कला। वाकई इस ने साबित कर दिया कि दिमाग में कैसे-कैसे घोंसले होते हैं।
यही रिपोर्ट मैंने अपने दूसरे ब्लॉग संस्कृति सरोकार पर भी लगाई थी, लेकिन मैंने उसमें साभार-समवेत स्वर दर्ज किया था।जबकि दोनों ही ब्लॉग मेरे हैं, फिर भी।
कलकत्ते के कुछ अख़बार पंजाब केसरी या दैनिक ट्रिब्यून में प्रकाशित अच्छे लेखों को आठ-दस दिन बाद हुबहू अपने अख़बारों में लगा दिया करते हैं । मेरे जैसा बंदा परेशान हो जाता है कि आख़िर इस लेख को पहले कहाँ पढ़ा है, खोजबीन करने पर पता चलता है कि अरे, यह तो पंजाब केसरी या दैनिक ट्रिब्यून से लिया गया है लेकिन कहीं साभार लिखे जाने की ज़रूरत तक नहीं समझी जाती।
प्रस्तुति - नीलम शर्मा 'अंशु'

3 Responses so far.

  1. सारे चोर है... कहाँ कहाँ ताले लगाए जाए... खैर आप तो सोचिए...

    मेरा सो जावे नहीं
    जावे सो मेरा नहीं...

    इसी से सुकून मिलेगा..

    जय हो!!

  2. शर्म की बात है. इन पत्रकारों के लिए "व्यवसायिक नैतिकता" जैसे शीर्षक वाला नया कोर्स शुरू करने की ज़रुरत है.

  3. CSCK says:

    कुछ ज्यादा तल्ख टिप्पणियां आ गई। मैंने ब्लॉग देखते ही अभिज्ञात से बात की थी। उन्होंने कहा भी था ,तुरंत साभार व्यक्त करता हूं। यह रिपोर्ट नीलम जी की है,सबको पता है। अभिज्ञात भी इतने हलके नहीं कि चोरी और नैतिकता की बात की जाये।बहरहाल व्यस्तता एक वजह हो सकती है।
    विजय शर्मा

Leave a Reply

 
[ साहित्‍य सुगंध पर प्रकाशित रचनाओं की मौलिकता के लिए सम्‍बधित प्रेषक ही उतरदायी होगा। साहित्‍य सुगंध पर प्रक‍ाशित रचनाओं को लेखक और स्रोत का उललेख करते हुए अन्‍यत्र प्रयोग किया जा सकता है । किसी रचना पर आपत्ति हो तो सूचित करें]
stats counter
THANKS FOR YOUR VISIT
साहित्‍य सुगंध © 2011 DheTemplate.com & Main Blogger. Supported by Makeityourring Diamond Engagement Rings

[ENRICHED BY : ADHARSHILA ] [ I ♥ BLOGGER ]