Advertise

साहित्‍य सुगंध हिन्दी साहित्य की सेवा का मंच, है, आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर,रचनायें -मेल पते पर प्रेषित करें।
 

संकेत

0 comments





मित्रो जब हम एक उगली किसी की ओर उठाते है तो बाकी की चार उगलिया अपनी ओर उठ जाती है!
इस संकेत को जो पहचानता है वह इंसान,
बाकि "हम" सब नादान!

यह मत सोचो कि हमारे लिये क्या नही हुआ, आपितु यह सोचो कि हमने किसी के लिये क्या किया,

जिन माता पिता ने अपना जीवन हमारे लिये कुर्बान कर दिया, उन कि सेवा हम् ने कभी न कि,
जिस भाई ने पिता समान प्यार दिया, ज़िन्दगी के हर कदम पर साथ दिया उसे जरुरत के समय मुश्किल राह पर हम अकेला छोड गए!

क्योकि हमे अपने बच्चो का FUTURE सवारना है
पर हम शायद भूल रहे है जिन्हे हम इन सन्स्कारो से .....................................
बना रहे है
वह भी हमारे लिये हमारे कर्मो का FUTURE PLAN बना रहे है

आज भी आख खुले तो सवेरा, नही तो.............?????????????????

Leave a Reply

 
[ साहित्‍य सुगंध पर प्रकाशित रचनाओं की मौलिकता के लिए सम्‍बधित प्रेषक ही उतरदायी होगा। साहित्‍य सुगंध पर प्रक‍ाशित रचनाओं को लेखक और स्रोत का उललेख करते हुए अन्‍यत्र प्रयोग किया जा सकता है । किसी रचना पर आपत्ति हो तो सूचित करें]
stats counter
THANKS FOR YOUR VISIT
साहित्‍य सुगंध © 2011 DheTemplate.com & Main Blogger. Supported by Makeityourring Diamond Engagement Rings

[ENRICHED BY : ADHARSHILA ] [ I ♥ BLOGGER ]